कौन ब्रह्मा का पिता है?
कौन विष्णु की माँ?
शंकर का दादा कौन है?
हमको दे बता।।
ये सभी प्रश्न वाचक चिहं, पूर्ण रूप से हटाने के लिए, कृपया, अव्यश्य पढ़े ज्ञान गंगा बुक एकदम फ्री घर बैठे प्राप्त करने के लिये अपना नाम पता कॉमेंट करे ।
सबका मालिक एक कोन है जानने के लिये ज्ञान गंगा बुक पढ़े ।
पूर्ण परमात्मा कोन है जी ? ब्रह्मा , विष्णु , महेश जी के माता -पिता और दादा कोन है ? सृष्ठि पालक को जानने के लिये अविलंब फ्री बुक "ज्ञान गंगा" या "जीने की राह" आर्डर करे । अपना नाम, पता,अपना मो. नम्बर कॉमेंट्स बॉक्स में अव्यश्य भेजे जी।
पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब कबीर, अक्षर पुरूष एक पेड़ है, निरंजन वाकी डार। तीनों देवा शाखा हैं, पात रूप संसार।।जैसे पौधे को मूल की ओर से पृथ्वी में रोपण करके मूल की सिंचाई की जाती है तोउस मूल परमात्मा (परम अक्षर ब्रह्म) की पूजा से पौधे की परवरिश होती है। सब तना, डार,शाखाओं तथा पत्तों का विकास होकर पेड़ बन जाता है। छाया, फल तथा लकड़ी सर्व प्राप्तहोती है जिसके लिए पौधा लगाया जाता है। यदि पौधे की शाखाओं को मिट्टी में रोपकरजड़ों को ऊपर करके सिंचाई करेंगे तो भक्ति रूपी पौधा नष्ट हो जाएगा। इसी प्रकार एकमूल (परम अक्षर ब्रह्म) रूप परमेश्वर की पूजा करने से सर्व देव विकसित होकर साधक कोबिना माँगे फल देते रहेंगे।(जिसका वर्णन गीता अध्याय 3 श्लोक 10 से 15 में भी है) इसप्रकार ज्ञान होने पर साधक का प्रयोजन उसी प्रकार अन्य देवताओं से रह जाता है जैसेझील की प्राप्ति के पश्चात् छोटे जलाशय में रह जाता है। छोटे जलाशय पर आश्रित को ज्ञानहोता है कि यदि एक वर्ष बारिश नहीं हुई तो छोटे तालाब का जल समाप्त हो जाएगा। उसपर आश्रित भी संकट में पड़ जाएँगे। झील के विषय में ज्ञान है कि यदि दस वर्ष भी बा...
सबका मालिक एक कोन है जानने के लिये ज्ञान गंगा बुक पढ़े ।
ReplyDeleteपूर्ण परमात्मा कोन है जी ? ब्रह्मा , विष्णु , महेश जी के माता -पिता और दादा कोन है ? सृष्ठि पालक को जानने के लिये अविलंब फ्री बुक "ज्ञान गंगा" या "जीने की राह" आर्डर करे । अपना नाम, पता,अपना मो. नम्बर कॉमेंट्स बॉक्स में अव्यश्य भेजे जी।